यात्रा-वृत्तांत : नवगीत, इतिहास और आस्था का त्रिवेणी संगम - अशोक शर्मा ‘कटेठिया’
यात्रा-वृत्तांत : नवगीत , इतिहास और आस्था का त्रिवेणी संगम - अशोक शर्मा ‘ कटेठिया ’ साहित्य , इतिहास और लोकआस्था—ये तीनों भारतीय सांस्कृतिक चेतना के ऐसे आधारस्तंभ हैं , जिनके समन्वय से किसी भी अनुभव को बहुआयामी अर्थवत्ता प्राप्त होती है। जब ये तत्त्व किसी यात्रा के प्रसंग में एकत्र होते हैं , तब वह यात्रा मात्र भौगोलिक गमन न रहकर एक गहन सांस्कृतिक , बौद्धिक और आत्मानुभूतिक प्रक्रिया का रूप धारण कर लेती है। यात्रा-वृत्तांत की विधा इसी बहुस्तरीय अनुभव की सशक्त अभिव्यक्ति है , जिसमें दृश्य-परिदृश्य के साथ ऐतिहासिक बोध , सांस्कृतिक निरंतरता और आत्मानुभूति का सूक्ष्म अंतर्संबंध उद्घाटित होता है। इस दृष्टि से यात्रा-वृत्तांत केवल वर्णनात्मक साहित्य नहीं , बल्कि समय , समाज और संवेदना के अंतःसंवाद का जीवंत दस्तावेज भी है। एतदर्थ , मुजफ्फरपुर , वैशाली और सीतामढ़ी की सांस्कृतिक भूमि इस त्रिस्तरीय अनुभव के लिए अत्यंत उपयुक्त परिप्रेक्ष्य प्रदान करती है। मुजफ्फरपुर समकालीन हिंदी साहित्य , विशेषतः नवगीत परंपरा की सृजनात्मक ऊष्मा का प्रतिनिधि नगर है। यह नगर क...